नई दिल्ली : देश के सबसे बड़े IPO में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम ने ऐतिहासिक समापन के साथ विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। कंपनी के 30,213 करोड़ रुपये के IPO में तीन दिनों के दौरान 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो दुनिया में किसी भी IPO के लिए अब तक के सबसे अधिक आवेदन बताए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम 7 बजे बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक IPO को 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। एंकर और गैर-एंकर निवेशकों की कुल बोलियां करीब 7.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गईं। इनमें गैर-एंकर निवेशकों की ओर से लगभग 4.90 लाख करोड़ रुपये और एंकर निवेशकों की ओर से करीब 2.50 लाख करोड़ रुपये की मांग शामिल रही।
जियो IPO को लेकर खुदरा निवेशकों में भी शेयर हासिल करने की जबरदस्त होड़ देखने को मिली। रिटेल श्रेणी में करीब 8.5 करोड़ शेयर उपलब्ध थे, जबकि 23 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं। इस तरह उपलब्ध शेयरों के मुकाबले मांग 2.72 गुना रही। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर निवेशक के शेयर मिलने की संभावना इसी अनुपात में तय होगी। वास्तविक आवंटन वैध आवेदनों, न्यूनतम लॉट और लागू आवंटन प्रक्रिया के नियमों के आधार पर किया जाएगा।
बड़े संस्थागत निवेशकों ने लगाई 70.55 गुना बोली
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में बड़े संस्थागत निवेशकों की श्रेणी यानी योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इस श्रेणी में IPO 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में 14 गुना अभिदान दर्ज किया गया। रिलायंस के शेयरधारकों के लिए आरक्षित कोटा 7.60 गुना और कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ।
अब निवेशकों की निगाहें शेयर आवंटन की प्रक्रिया पर टिकी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट तय होगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को आवंटित शेयर निवेशकों के डीमैट खातों में जमा किए जाएंगे। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की BSE और NSE पर 28 अक्टूबर को लिस्टिंग प्रस्तावित है। निवेशक अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि उन्हें शेयर मिलेंगे या नहीं और बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद शेयर का प्रदर्शन कैसा रहेगा।



