वासु कुमार | लोक मंत्र
महागामा/गोड्डा: गोड्डा जिले में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महागामा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करने वाले एक कथित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार चोरी की बाइक बरामद की हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान वाहन चोरी से जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।
पुलिस अधीक्षक गोड्डा को 2 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि महागामा थाना क्षेत्र में चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने समरी गांव में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अनिल यादव के घर से बिना नंबर प्लेट और घिसे हुए चेसिस नंबर वाली एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल बरामद की। मौके से हिरासत में लिए गए अनिल यादव से पूछताछ में उसने कथित रूप से चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने यह भी बताया कि वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार में शामिल था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने समरी गांव की एक झोपड़ी में छापेमारी की, जहां से तीन और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। इस तरह पुलिस ने कुल चार चोरी की बाइक जब्त की हैं। बरामद वाहनों के संबंध में जांच जारी है कि वे किन क्षेत्रों से चोरी की गई थीं और उनके वास्तविक मालिक कौन हैं।
इस मामले में महागामा थाना कांड संख्या 147/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल यादव (22 वर्ष), पिता चैतु यादव, निवासी समरी, थाना महागामा, जिला गोड्डा के रूप में हुई है। उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस निरीक्षक उपेन्द्र कुमार महतो, महागामा थाना प्रभारी मनोज कुमार पाल, पुलिस अवर निरीक्षक द्वारिका प्रसाद, सहायक अवर निरीक्षक खालिद अहमद खाँ तथा महागामा थाना के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महागामा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बिना वैध दस्तावेजों वाले वाहन न खरीदें। यदि कहीं चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और वाहन चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




