मंदिर विकास और दुकानदारों के पुनर्वास पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

रजरप्पा मंदिर के विकास, सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास से जुड़े आदेशों के अनुपालन पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई।

 

रामगढ़ : प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा के विकास, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। पूर्व में जारी आदेशों के अनुपालन को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से प्रगति की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। हाल की सुनवाई में पर्यटन विभाग के सचिव को अदालत के समक्ष सशरीर उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया था।

मामला रजरप्पा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। अदालत के समक्ष स्थायी स्नान घाट, चेंजिंग रूम, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाओं के साथ भैरवी नदी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग का मुद्दा भी सामने आया है। अप्रैल 2026 के अदालती रिकॉर्ड में भैरवी नदी के दुर्घटना संभावित हिस्से में बैरिकेडिंग के लिए डीपीआर और राशि की व्यवस्था को लेकर प्रशासन तथा सीसीएल के बीच कार्रवाई का उल्लेख है।

मंदिर के व्यापक पुनर्विकास को लेकर भी अदालत के समक्ष योजना की जानकारी दी गई है। अप्रैल में दाखिल सरकारी जवाब के अनुसार मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के पुनर्विकास की योजना दो चरणों में तैयार की गई थी। इसमें मंदिर परिसर की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, रास्तों के विस्तार, सुरक्षा और अन्य आधारभूत संरचनाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

रजरप्पा मंदिर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने और प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास का मामला भी महत्वपूर्ण है। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार करीब 254 अतिक्रमणकारियों को सरकारी भूमि से हटाने की कार्रवाई अप्रैल 2026 में की गई थी। प्रभावित दुकानदारों की पहचान और पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने छह सदस्यीय समिति गठित की थी।

वहीं, 254 अस्थायी दुकानों के निर्माण को लेकर रामगढ़ जिला परिषद की ओर से 2026-27 में निविदा भी जारी की गई है। इससे विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ने का संकेत मिलता है।

हाईकोर्ट के समक्ष मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास में सीसीएल की भूमिका का मुद्दा भी आया है। अदालत ने जिला प्रशासन और सीसीएल को समन्वय के साथ क्षेत्र के विकास कार्य आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए भैरवी नदी के दुर्घटना संभावित हिस्सों में बैरिकेडिंग जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।

अब अदालत में सरकार को मंदिर विकास योजना, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, अतिक्रमण हटाने के बाद दुकानदारों के पुनर्वास और पूर्व में दिए गए आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। रजरप्पा मंदिर क्षेत्र के विकास से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की निगरानी के कारण प्रशासनिक कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

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