SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, गांधी मैदान से समाहरणालय तक मार्च

भूषण बाड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस ने गांधी मैदान से समाहरणालय तक निकाला मार्च, राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन।

 

सिमडेगा : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा के नेतृत्व में गांधी मैदान से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

पैदल मार्च से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचे। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने SIR से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। समाहरणालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन भी किया गया।

मतदाता सूची में बदलाव पर पारदर्शिता की मांग

विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार नागरिकों के महत्वपूर्ण अधिकारों में शामिल है। इसलिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच तथा उनके कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की।

भूषण बाड़ा ने कहा कि SIR के दौरान मतदाता सूची में होने वाले बदलावों की भी स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और डेटा प्रबंधन के केंद्रीकरण को लेकर स्वतंत्र तकनीकी एवं संस्थागत जांच की मांग रखी। उन्होंने कहा कि किसी मतदाता का नाम हटाने या उसमें संशोधन करने से पहले उचित सत्यापन, आपत्ति दर्ज कराने और संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। आयोग के पोर्टल पर अंतिम SIR में नाम खोजने और मतदाता सूची से संबंधित सेवाओं की सुविधा दी गई है।

ग्रामीण मतदाताओं को प्रक्रिया की जानकारी देने पर जोर

कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी देने और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव से पहले उचित सत्यापन किया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से चुनावी व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत होगा।

महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने की मांग

जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्धारित प्रक्रिया और सूचना के बिना नहीं हटाया जाना चाहिए।

जोसिमा खाखा ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। साथ ही लोगों को मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया, अपने नाम की जांच और आपत्ति दर्ज कराने के अधिकार की जानकारी दी जानी चाहिए।

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर मतदाता अपने नाम की जानकारी खोज सकते हैं और मतदाता सूची से जुड़ी विभिन्न सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। आयोग के अनुसार मतदाता पंजीकरण और सूची में संशोधन के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, जिप सदस्य सह कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें संतोष कुमार सिंह, अख्तर खान, रणधीर रंजन, अजीत लकड़ा, नुवेल मिंज, तुलसी प्रांगत खलखो, रफीक अंसारी, राकेश कोंगाड़ी, अशफाक आलम, समरोम पौल तोपनो, अमित डुंगडुंग, मनोज प्रसाद, बिपिन पंकज मिंज, सिलबेस्तर बाघवार, मनोज जयसवाल, जिशान खान, प्रदीप केसरी, रावेल लकड़ा, लखन गुप्ता, सुनील खड़िया, ज्वलंत बेक, एजाज अहतद, शकील अहमद, कौशल किशोर रोहिल्ला, सलमान खान और इम्तयाज हुसैन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। ज्ञापन में SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने एवं संशोधन की प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा, निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और डेटा प्रबंधन की समीक्षा सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।

 

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