इटखोरी I सरकार की ओर से जनसुविधा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इटखोरी में सरकारी राशि से बना सार्वजनिक शौचालय वर्षों बाद भी लोगों के काम नहीं आ रहा है। चौपारण रोड स्थित कृषि फार्म के सामने करीब 15 लाख 59 हजार रुपये की लागत से निर्मित शौचालय भवन पिछले 7-8 साल से बंद पड़ा है। भवन तैयार होने के बावजूद इसका लाभ राहगीरों और स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
चौपारण रोड पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीरों, वाहन चालकों और यात्रियों की आवाजाही होती है। इटखोरी चौक पर भी दिनभर लोगों की भीड़ बनी रहती है। ऐसे स्थान पर सार्वजनिक शौचालय की सुविधा लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती थी। बावजूद इसके, वर्षों से बंद पड़े भवन को देखकर सरकारी व्यवस्था और योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
लाखों खर्च के बाद भी सुविधा जनता से दूर
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब शौचालय निर्माण पर 15.59 लाख रुपये खर्च किए गए, तो इसे अब तक चालू क्यों नहीं किया गया। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं संचालन को लेकर विभागों के बीच समन्वय की कमी तो इसकी वजह नहीं है। हालांकि, शौचालय बंद रहने का वास्तविक कारण संबंधित विभाग की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है।
एक ओर सरकार स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति को लेकर लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर लाखों रुपये की लागत से तैयार सार्वजनिक सुविधा लंबे समय से बंद है। इससे योजना के उद्देश्य पर सवाल उठने के साथ उन लोगों की परेशानी भी सामने आती है, जिनके लिए यह सुविधा बनाई गई थी।
जांच कर जल्द चालू कराने की मांग
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कराने और शौचालय को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी राशि से बना भवन केवल चारदीवारी तक सीमित न रहे, बल्कि इसका उपयोग आम लोगों की सुविधा के लिए होना चाहिए।
अब जनहित का सवाल यही है कि 15 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बना यह सार्वजनिक शौचालय आखिर कब खुलेगा और राहगीरों को इसका लाभ कब मिलेगा? स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मामले का संज्ञान लेकर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।




