हजारीबाग I जिले के सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज सीरम यानी रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की उपलब्धता को लेकर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कुत्ते के गंभीर काटने के मामलों में समय पर सीरम नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चौपारण के परसोनी निवासी आरव कुमार को कुत्ते ने काट लिया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौपारण के चिकित्सक ने जांच के बाद एंटी रेबीज सीरम लगाने की सलाह दी। स्थानीय स्तर पर निजी दुकानों में भी सीरम उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजन मरीज को लेकर हजारीबाग पहुंचे। यहां शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी सीरम नहीं मिलने पर परिजनों को बाहर की निजी दुकानों से दवा खरीदकर इलाज कराना पड़ा।
रंजन चौधरी ने बताया कि सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर एंटी रेबीज सीरम की उपलब्धता का मुद्दा कई बार अस्पताल प्रबंधन के समक्ष उठाया गया है। गुरुवार को उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार से भी इस संबंध में बातचीत की और जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज सीरम उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
रंजन चौधरी के अनुसार, सिविल सर्जन ने जल्द ही जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में सीरम उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन से अस्पताल में सीरम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर डीएमएफटी मद से जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राशि का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे मरीजों को जरूरी दवाओं के लिए निजी दुकानों पर निर्भर रहने और अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति से राहत मिल सकती है।
रंजन चौधरी ने कहा कि रेबीज के मामलों में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं और एंटी रेबीज सीरम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए।




