सिमडेगा I जिला भ्रमण पर पहुंचीं कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की अध्यक्षता में मंगलवार को कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में जिले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य और सहकारिता विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक की शुरुआत जिले की कृषि प्रोफाइल और खरीफ मौसम की वर्तमान स्थिति की जानकारी से हुई। अधिकारियों ने बताया कि सिमडेगा में 1,28,500 किसान, 10 प्रखंड, 94 ग्राम पंचायत और 451 गांव हैं। जिले में कुल कृषि योग्य क्षेत्र 1,52,849 हेक्टेयर है।
खरीफ 2026 के फसल आच्छादन की समीक्षा में बताया गया कि 1,45,620 हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक 1,27,970 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल आच्छादन हुआ है। यह कुल लक्ष्य का 87.9 प्रतिशत है। इसमें धान का आच्छादन 79,220 हेक्टेयर, दलहन 28,158 हेक्टेयर और मोटे अनाज का आच्छादन 12,782 हेक्टेयर दर्ज किया गया है।
1,113 क्विंटल से अधिक बीज का वितरण
बीज विनिमय एवं वितरण तथा Mission for Aatmanirbharta in Pulses की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1,113.32 क्विंटल बीज 6,397 लाभुक किसानों के बीच वितरित किया जा चुका है। अरहर, उड़द और मूंग के बीज का वितरण 100 प्रतिशत अनुदान के तहत किया गया है।
झारखंड मिलेट मिशन की प्रगति की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि योजना के तहत 7,033 किसानों का e-KYC पूरा हो चुका है, जबकि 8,858 किसानों का सत्यापन किया गया है। मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम के तहत अब तक 1,409 मिट्टी के नमूने एकत्र किए गए हैं। इनमें 470 नमूनों की जांच पूरी हो चुकी है।
93 के लक्ष्य में 48 सोलर पंप वितरित
किसान समृद्धि योजना के तहत सोलर पंप वितरण की समीक्षा में बताया गया कि 93 इकाइयों के लक्ष्य के विरुद्ध 82 ऑनलाइन आपूर्ति आदेश प्राप्त हुए हैं। इनमें से अब तक 48 सोलर पंप किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। 15 सितंबर को 12 और इकाइयों के वितरण का प्रस्ताव था।
योजना के तहत कुल 1,112 पंजीकरण हुए हैं, जिनमें से 968 लाभुकों का e-KYC पूरा किया जा चुका है। बैठक में राज्य और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय योजनाओं में NFSNM के तहत 100 प्रतिशत, ATMA में 77.2 प्रतिशत और Mission for Aatmanirbharta in Pulses में 34.5 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई।
उद्यान, पशुपालन और मत्स्य योजनाओं का भी लिया जायजा
उद्यान विभाग की योजनाओं में उद्यान विकास योजना, मधुमक्खी पालन, राष्ट्रीय बांस मिशन, कृषि विपणन-सह-पोस्ट हार्वेस्ट संरचना और MIDH समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। उद्यान विकास योजना के तहत लाभुकों का चयन पूरा होने तथा विभिन्न अवयवों के लिए आपूर्ति आदेश जारी किए जाने की जानकारी दी गई।
पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इसमें लाभुकों के चयन, प्रशिक्षण, सामग्री वितरण, मत्स्य उत्पादन, तालाब एवं जलाशय विकास और मत्स्य विपणन से जुड़े कार्यों की स्थिति जानी गई।
मत्स्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026-27 में जिले के लिए मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य 10,000 निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 3,450 की उपलब्धि दर्ज की गई है।
योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ पात्र किसानों और लाभुकों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और लंबित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा। बैठक में प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदनों के आधार पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।
मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र किसानों और लाभुकों तक पहुंचना चाहिए। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
बैठक में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी, उपायुक्त कंचन सिंह, अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सुमन्त तिर्की सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।




