सिमडेगा I जन्मजात हृदय रोग से जूझ रही कुरडेग प्रखंड के चांद्रीमुंडा गांव निवासी 3 वर्ष 8 माह की भूमिका कुमारी को समय पर इलाज मिलने से नया जीवन मिला है। अत्यंत गरीब परिवार से आने वाली भूमिका का कोच्चि में सफल हृदय शल्य उपचार किया गया। आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से उसका पूरा इलाज निःशुल्क हुआ, जिससे परिवार पर इलाज का कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन, सिमडेगा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत बच्चों में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
कुरडेग के चांद्रीमुंडा गांव निवासी जावलित साई और चंद्रकला पैंकरा की पुत्री भूमिका की नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान RBSK मोबाइल हेल्थ टीम, कुरडेग ने जन्मजात हृदय रोग की पहचान की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग, सिमडेगा की निगरानी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए भूमिका को बेहतर इलाज के लिए समय पर रेफर किया गया।
10 अप्रैल 2026 को सदर अस्पताल, रांची में अमृता अस्पताल, कोच्चि की विशेषज्ञ टीम ने भूमिका की स्क्रीनिंग की। जांच में हृदय रोग की पुष्टि के बाद उसे आगे के उपचार के लिए कोच्चि भेजा गया। वहां 27 अप्रैल 2026 को भूमिका की सफल हृदय शल्य प्रक्रिया की गई। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और 30 अप्रैल 2026 को चिकित्सकों ने उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी।
इलाज के बाद भूमिका की सदर अस्पताल, सिमडेगा में फॉलोअप जांच की गई। जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। अब उसके चेहरे पर खिली मुस्कान परिवार के लिए राहत और उसके बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद बन गई है।
भूमिका की यह सफलता जिला प्रशासन, सिमडेगा और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता, संवेदनशील पहल तथा बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह कहानी यह भी दिखाती है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन गरीब परिवारों के बच्चों के लिए कितना महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों को समय पर पहचान, सही उपचार और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो वे भी स्वस्थ और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।




