मनीष सिंह
महुआडांड़ : झारखंड के सबसे ऊंचे लौध जलप्रपात में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलस्तर काफी बढ़ गया है। जलप्रपात के विकराल रूप को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर यहां प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
उप निदेशक, पलामू व्याघ्र परियोजना, दक्षिणी प्रमंडल के आदेश के बाद जलप्रपात के समीप बने लकड़ी के पुल तक पर्यटकों के जाने पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, पर्यटक दूर से ही लौध जलप्रपात के विहंगम और विकराल रूप का आनंद ले सकेंगे।
बारिश के कारण इन दिनों जलप्रपात पूरे वेग से बह रहा है। तेज धार और बढ़े जलस्तर ने इसके प्राकृतिक सौंदर्य को और भी आकर्षक व रोमांचकारी बना दिया है। इसे देखने के लिए पर्यटकों की उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन वन विभाग ने सुरक्षा को सबसे प्राथमिकता देने की अपील की है।
वन विभाग ने लोगों से स्पष्ट कहा है कि रोमांच के चक्कर में अपनी सुरक्षा से खिलवाड़ न करें और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें। विभागीय निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर सामान्य होने के बाद ही पर्यटकों को जलप्रपात के समीप जाने की अनुमति देने पर आगे निर्णय लिया जाएगा। तब तक पर्यटक सुरक्षित दूरी से ही लौध जलप्रपात के मनोरम नजारे का दीदार कर सकेंगे।




