मनीष सिन्हा
धनबाद : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (JRDA) के बेलगड़िया टाउनशिप फेज-V स्थित नव-संचालित प्रशासनिक भवन परिसर में उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने झंडोत्तोलन किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों, प्राधिकार के अधिकारियों और स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए संशोधित झरिया मास्टर प्लान (JMP) के तहत चल रही योजनाओं, अब तक की उपलब्धियों और आगामी विकास कार्यों की जानकारी दी।
डीडीसी ने बताया कि 81 उच्च जोखिम वाले अग्नि एवं भू-धंसान स्थलों से 837 परिवारों को सुरक्षित बेलगड़िया टाउनशिप में स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा परिधीय क्षेत्रों से 215 परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर बसाया गया है।
पुनर्वास प्रक्रिया के तहत 172 वास्तविक विधिक अधिकार धारक (LTH) परिवारों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जबकि 133 गैर-विधिक (Non-LTH) परिवारों को आवास आवंटन पत्र जारी किए गए हैं। फेज-V में प्रशासनिक भवन पूरी तरह कार्यरत हो चुका है।
2000 आवासों का निर्माण, 72 प्रतिशत काम पूरा
बेलगड़िया टाउनशिप में 2000 विस्थापित आवास इकाइयों का निर्माण प्रगति पर है। इनमें करीब 72 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई। फेज-II और फेज-III के आंतरिक सड़क नेटवर्क को भी मजबूत किया गया है।
ऊर्जा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 1.882 MWp क्षमता की रूफटॉप सोलर परियोजना लागू की गई है। वहीं फेज-I, II और III में 395 सोलर स्ट्रीट लाइट और 40 LED स्ट्रीट लैंप लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल वैन तैनात की गई है। मौजूदा हेल्थ सब-सेंटर को लेबर रूम के रूप में अपग्रेड करने का काम भी करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
रोजगार और आजीविका पर भी जोर
पुनर्वास क्षेत्र के लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 50 व्यावसायिक ई-रिक्शा वितरित किए गए हैं। इसके अलावा मुफ्त इलेक्ट्रिक बस सेवा भी संचालित की जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों का 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करने की जानकारी दी गई। ‘झारशिल्प पहल’ के तहत 80 स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए भुगतान और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मल्टी-चैनल ग्रीवांस रिड्रेसल सेल भी सक्रिय है।
2028 तक हर घर नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य
आगामी योजनाओं के तहत दामोदर घाटी स्थायी जल पाइपलाइन परियोजना के जरिए मई 2028 तक हर घर में नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए डीपीआर भी पूरी हो चुकी है।
बिजली व्यवस्था के लिए 33KV पावर सबस्टेशन और स्मार्ट हाउसहोल्ड मीटरिंग की योजना पर काम चल रहा है। वहीं 20 बिस्तरों वाले मॉडल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का निर्माण प्रगति पर है, जिसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शैक्षणिक और कौशल विकास के क्षेत्र में मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर को नवंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य है। नौ आवासीय ब्लॉकों को स्किल ट्रेनिंग हॉस्टल में अपग्रेड किया जा रहा है। RSP कॉलेज के बड़े नवीनीकरण के लिए टेंडर भी जारी किया जा चुका है।
डीडीसी सन्नी राज ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल विस्थापित परिवारों को आवास उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आधुनिक नागरिक सुविधाओं से युक्त गरिमापूर्ण जीवन देना है। उन्होंने शेष उच्च जोखिम वाले अग्नि एवं भू-धंसान क्षेत्रों से परिवारों का समयबद्ध और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया।




