राशन डिलीवरी में गड़बड़ी पर रागिनी सिंह सख्त, सरकार से मांगा जवाब

झरिया विधायक रागिनी सिंह ने शहरी राशन दुकानों तक सीधे अनाज पहुंचाने, डिलीवरी व्यवस्था में पारदर्शिता और एफसीआई गोदामों के 200 मजदूरों का रोजगार बचाने की मांग की।

मनीष सिन्हा

धनबाद : प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत शहरी क्षेत्र की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को लेकर झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। विधायक ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर धनबाद के शहरी क्षेत्र में एफसीआई गोदाम से राशन डीलरों तक सीधे खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

रागिनी सिंह ने अपने पत्र में कहा कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार रांची, धनबाद और जमशेदपुर के शहरी क्षेत्रों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से अनाज पहुंचाया जाना है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों और संबंधित संवेदकों के बीच समन्वय की कमी के कारण व्यवस्था में अनियमितता और मनमानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

विधायक ने कहा कि एफसीआई और जेएसएफसीआई के पत्रों तथा विभागीय अधिकारियों के निर्देशों में अंतर के कारण राशन डीलरों के सामने भी परेशानी पैदा हो रही है। कई मामलों में डीलरों को राशन उठाव के बाद उसे अपनी दुकानों तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। इससे खाद्यान्न की पूरी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

डोर स्टेप डिलीवरी में पारदर्शिता की मांग

रागिनी सिंह ने विभाग का ध्यान सरकार के उस परिपत्र की ओर भी दिलाया, जिसमें डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े कार्य निर्धारित व्यवस्था और एकरारनामा के अनुरूप नहीं होने पर संबंधित परिवहन अभिकर्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

उन्होंने मांग की कि धनबाद शहरी क्षेत्र के सभी राशन डीलरों को एफसीआई गोदाम से डोर स्टेप डिलीवरी के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इससे डीलरों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी और लाभुकों तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया सुचारु तथा पारदर्शी तरीके से संचालित हो सकेगी।

विधायक ने स्पष्ट किया कि गरीबों के राशन वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यवस्था को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

200 मजदूरों के रोजगार का भी मुद्दा उठाया

डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के साथ एफसीआई गोदामों में वर्षों से लोडिंग-अनलोडिंग का काम कर रहे मजदूरों के रोजगार का मुद्दा भी रागिनी सिंह ने उठाया है। उन्होंने विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर करीब 200 मजदूरों और उनके परिवारों के सामने पैदा हुए रोजी-रोटी के संकट का समाधान करने की मांग की।

विधायक के अनुसार, झरिया विधानसभा क्षेत्र समेत धनबाद जिले के विभिन्न इलाकों में पिछले करीब 50 वर्षों से स्थानीय मजदूर एफसीआई गोदामों में संवेदक के माध्यम से अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते आ रहे हैं। नई डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत इन मजदूरों को पुराने काम से अलग रखने और खाद्यान्न सीधे राशन डीलरों तक पहुंचाने के निर्देश के बाद उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पुरानी व्यवस्था या वैकल्पिक रोजगार की मांग

रागिनी सिंह ने कहा कि इन मजदूरों और उनके परिवारों की आजीविका एफसीआई गोदामों में होने वाले लोडिंग-अनलोडिंग कार्य पर लंबे समय से निर्भर रही है। काम प्रभावित होने से करीब 200 मजदूरों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वर्षों से काम कर रहे मजदूरों को अचानक रोजगार से वंचित करना उनके परिवारों के साथ अन्याय होगा।

विधायक ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ पहले पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक उचित निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि एफसीआई गोदामों में कार्यरत मजदूरों के हित में पूर्व की व्यवस्था के तहत काम उपलब्ध कराया जाए या फिर उनके लिए ठोस वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की जाए।

रागिनी सिंह ने कहा कि व्यवस्था में बदलाव का खामियाजा गरीब मजदूरों और उनके परिवारों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर एक ओर राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और दूसरी ओर मजदूरों का रोजगार बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।

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