विलियम जैकब
गिरिडीह : माननीय सर्वोच्च न्यायालय एमसीपीसी और माननीय झालसा, रांची के निर्देश पर ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ यानी राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत 1 अगस्त 2026 से हो गई है। अभियान के तहत विभिन्न प्रकार के सुलहनीय मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक विवादों का मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण और त्वरित समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह मार्तंड प्रताप मिश्रा के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और आम लोगों तक मध्यस्थता के लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
इन मामलों को मध्यस्थता के लिए किया जाएगा चिन्हित
बैठक में कहा गया कि आम लोगों को मध्यस्थता के प्रति जागरूक करना सभी की जिम्मेदारी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया का लाभ उठा सकें।
इसके तहत मुख्य रूप से पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले, सुलहनीय आपराधिक मामले, पार्टिशन सूट, भूमि विवाद, कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित मामले और लेबर एक्ट से जुड़े मामलों को चिन्हित कर मध्यस्थता के लिए अग्रसारित किया जाएगा।
दोनों पक्षों की सहमति से होता है विवाद का समाधान
मध्यस्थता में दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान कराया जाता है। यह प्रक्रिया सामान्य न्यायिक प्रक्रिया की तुलना में अपेक्षाकृत सरल, कम खर्चीली और त्वरित मानी जाती है। दोनों पक्षों की सहमति से समाधान होने के कारण विवाद के टिकाऊ और स्थायी रूप से सुलझने की संभावना भी बढ़ जाती है।
इस प्रक्रिया से पक्षकारों को लंबे समय तक न्यायालय का चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। बैठक में बताया गया कि मध्यस्थता की खासियत यही है कि इसमें दोनों पक्ष अपनी सहमति से समाधान तक पहुंचते हैं और दोनों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाती है।
‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ को सफल बनाने की अपील
बैठक में बताया गया कि ‘मेडिएशन फॉर नेशन’ के दूसरे चरण की सफलता को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के स्तर से इसके तीसरे चरण की शुरुआत की गई है।
आम लोगों से अपील की गई कि वे अपने सुलहनीय मामलों का अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता के माध्यम से निष्पादन कराकर ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ का लाभ उठाएं।
12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
बैठक में 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने और आम लोगों तक राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में गिरिडीह न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।




