अमेठी : सावन माह में दण्डेश्वर महादेव मंदिर कोछित में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से मंदिर परिसर और घाटों पर कुल 30 आपदा मित्रों की तैनाती की गई है।
तैनात आपदा मित्रों की प्रमुख जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकना, घाटों पर लगातार निगरानी रखना और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना है। प्रशासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य सावन के दौरान मंदिर और घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षित कर्मियों के साथ स्थानीय तैराक भी तैनात
तैनात किए गए आपदा मित्रों में स्थानीय स्तर पर कुशल तैराकों के अलावा प्राथमिक चिकित्सा, राहत और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त कर्मी भी शामिल हैं। इन कर्मियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पुलिस अधीक्षक अमेठी के अनुरोध पर जिला प्रशासन की ओर से यह विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच घाटों पर किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
भीड़ प्रबंधन में भी करेंगे सहयोग
आपदा मित्र केवल सुरक्षा और बचाव कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर भीड़ प्रबंधन में भी सहयोग करेंगे। घाटों और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन कराने में भी उनकी भूमिका रहेगी।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से अपील की है कि वे घाटों पर निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और गहरे पानी में जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तैनात आपदा मित्रों या प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल संपर्क करने को कहा गया है।
सावन के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन की इस पहल से दण्डेश्वर महादेव मंदिर और आसपास के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी होने की उम्मीद है।




