रतन कुमार अग्रवाल
धनबाद : आगामी त्योहारों के मद्देनजर धनबाद में मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव प्रसाद के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। अभियान के तहत रांची से मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (MFTL) वाहन धनबाद पहुंचा, जिसके माध्यम से शहर के विभिन्न स्ट्रीट फूड स्टॉल, होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में जांच दल ने कोर्ट मोड़ से बरटांड़ बस स्टैंड तक कई खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही रासायनिक जांच की गई। अभियान के पहले दिन कुल 60 खाद्य नमूनों की जांच की गई।
नंदू के छोले में मिला प्रतिबंधित रंग, पनीर भी जांच में विफल
जांच के दौरान नंदू कुमार के गोलगप्पे के छोले में प्रतिबंधित रासायनिक रंग पाया गया। विभागीय टीम ने मौके पर ही संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट करवा दिया। वहीं, एवीआर फ्लेवर हाउस की पनीर रोल दुकान में पनीर मिलावटी पाया गया। इसके अलावा वॉक की खाद्य प्रतिष्ठान में पनीर की रासायनिक जांच की गई, जिसमें नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद संबंधित पनीर को भी मौके पर नष्ट करवा दिया गया।
निरीक्षण के दौरान चिका लिट्टी स्टॉल पर गंदगी भी मिली। टीम ने संचालक को मौके पर ही साफ-सफाई में सुधार करने का निर्देश दिया। वहीं, श्री गोविंद चाय और चाट चटोरी में खाद्य लाइसेंस नहीं पाया गया।
इन खाद्य प्रतिष्ठानों में भी हुई जांच
अभियान के पहले दिन कोर्ट मोड़ से बरटांड़ बस स्टैंड तक विभिन्न स्ट्रीट फूड स्टॉल, होटल और रेस्टोरेंट की जांच की गई। इनमें प्रमुख रूप से निम्न प्रतिष्ठान शामिल रहे:
- श्री गोविंद चाय
- चाट चटोरी
- मां काली स्वीट्स
- नंदू कुमार गोलगप्पे
- रिमझिम प्योर वेज
- फूड जंक्शन
- चिका लिट्टी
- चाइना टाउन मोमोज
- जायका काठी कबाब रोल्स
- बॉम्बे भेलपुरी
- हिल मोमोज
- फालूदा कुल्फी
- चौपाटी सेंटर
- यश चाउमीन सेंटर
- मनपसंद मोमोज
- फेमस मनपसंद चाट
- दार्जिलिंग मोमोज
- सूरज सह मोमोज शॉप
- एवीआर फ्लेवर हाउस
- गंगा डेयरी
- मनचाहा चाट
- फूड बॉक्स
- भोला लिट्टी
- द क्लब कैफे
- चाइनीज फ्यूजन
- चौपाटी
- टॉफी टेल्स
- अंगारा
- मोमो जोमो
- बर्गर बाइट्स
- निरमा स्पाइसी जायका
- सीयर लैब
- वॉक की
- राठौड़ कुल्फी
- नम्मा अन्ना
इन प्रतिष्ठानों के अलावा करीब 20 अन्य ठेलों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की भी मौके पर रासायनिक जांच की गई। खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें।
सात दिन में सुधार नहीं किया तो होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान के दौरान संबंधित दुकानदारों को आवश्यक सुधार करने के लिए सात दिनों का समय दिया है। जिन प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री जांच में विफल पाई गई या खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन सामने आया है, उन्हें नोटिस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का उद्देश्य धनबाद जिले के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, शुद्ध और मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की मदद से जांच अभियान आगे भी पूरे जिले में जारी रहेगा।
इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के साथ नवनियुक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय परमार, चंदन साव, चंद्रदेव गंझू, जैस्मीन केरकेट्टा और नैना नायक शामिल रहे। इसके अलावा विभाग की ओर से राहुल कुमार पासवान, राहुल कुमार, अमित कुमार और शुभम कुमार भी जांच दल का हिस्सा रहे।




