साहिबगंज : दुर्गा पूजा, नवरात्रि और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त कार्यालय प्रकोष्ठ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने की। इसमें पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास समेत जिले के वरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, पूजा समितियों के प्रतिनिधि और समाज के प्रबुद्धजन शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न प्रखंडों और थाना क्षेत्रों में स्थापित पूजा समितियों, लाइसेंसी पूजा पंडालों तथा संभावित भीड़भाड़ वाले स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने पर्व के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों एवं पूजा समितियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की।
उपायुक्त ने कहा कि दुर्गा पूजा और दशहरा आस्था, श्रद्धा, सामाजिक समरसता तथा आपसी भाईचारे का प्रतीक हैं। इन पर्वों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
पूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य
उपायुक्त ने सभी पूजा समितियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पूजा पंडालों में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाए। पंडालों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशामक यंत्र और अन्य जरूरी अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं।
सीसीटीवी कैमरों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि पंडाल परिसर, प्रवेश एवं निकास द्वार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर स्पष्ट नजर रखी जा सके। संबंधित अधिकारियों को कैमरों की कार्यशीलता की जांच करने और पर्याप्त अवधि तक फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों से स्वयंसेवकों की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था बनाए रखने और किसी आपात स्थिति में प्रशासन की सहायता करने में आसानी हो।
अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में अग्निशमन विभाग को पूजा समितियों के सदस्यों को अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। पूजा पंडालों में अग्निशामक उपकरण निर्धारित स्थान पर और उपयोग योग्य स्थिति में उपलब्ध रहने चाहिए।
अस्थायी विद्युत कनेक्शन, बिजली के तारों, जनरेटर और अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने पर जोर दिया गया। अग्निशमन विभाग को पंडालों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने और किसी भी आग की घटना से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
विद्युत विभाग को भी निर्देश दिया गया कि किसी पूजा समिति द्वारा अवैध या असुरक्षित विद्युत कनेक्शन का उपयोग नहीं किया जाए। विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।
प्रतिमा विसर्जन के लिए समय और स्थल निर्धारित
प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हित विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, रोशनी, सुरक्षा बल और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित समय और चिन्हित स्थलों पर ही कराया जाए। बैठक में अपराह्न 5 बजे से पहले निर्धारित स्थान पर विसर्जन प्रक्रिया पूरी कराने की दिशा में पूजा समितियों और संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाने का निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों से जुलूस के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने, निर्धारित मार्ग का पालन करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की गई।
विसर्जन के दिन गोताखोरों और आपदा मित्रों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने का निर्देश भी दिया गया। नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा लोगों को असुरक्षित तरीके से पानी में प्रवेश करने से रोकने पर जोर दिया गया।
डीजे पर प्रतिबंध, ध्वनि प्रदूषण और अशोभनीय गीतों पर नजर
बैठक में डीजे और प्रतिबंधित ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध की बात कही गई। पूजा समितियों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित नियमों और अनुमन्य सीमा के भीतर करने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के भद्दे, आपत्तिजनक या अशोभनीय गीत और सामग्री का प्रसारण नहीं किया जाना चाहिए। धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी सभी की है।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त, ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियों के माध्यम से लगातार गश्त की जाएगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
सभी थाना प्रभारियों को पूजा समितियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया गया। किसी भी अफवाह, संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
उपायुक्त ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूजा पंडालों, प्रमुख चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और विसर्जन मार्गों की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तकनीक के इस्तेमाल से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप समूहों पर रहेगी कड़ी नजर
उपायुक्त ने थाना प्रभारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और पूजा समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा व्हाट्सऐप समूहों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ, आपत्तिजनक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली तस्वीर, वीडियो अथवा पोस्ट मिलने पर उसे आगे साझा नहीं किया जाए। ऐसी सामग्री की जानकारी तत्काल संबंधित थाना, जिला नियंत्रण कक्ष या प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाए।
उपायुक्त ने आम नागरिकों और पूजा समितियों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रकाश, पेयजल, स्वच्छता और यातायात की व्यवस्था होगी दुरुस्त
उपायुक्त ने पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी, पेयजल तथा साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नगर निकायों और पंचायत प्रतिनिधियों को नियमित कचरा उठाव, स्वच्छता और आवश्यकतानुसार अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था करने को कहा गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात सुचारू रखने, जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग करने और यातायात नियंत्रण की प्रभावी योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान देने को कहा गया। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम, एंबुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था तैयार रखने का निर्देश दिया गया, ताकि आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पर्यावरण अनुकूल विसर्जन व्यवस्था को दिया जाएगा बढ़ावा
उपायुक्त ने पूजा समितियों और संबंधित अधिकारियों से तालाब, पोखर एवं नदियों में प्रत्यक्ष विसर्जन के अतिरिक्त वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन व्यवस्था पर भी काम करने को कहा।
उन्होंने जोर दिया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सामूहिक जिम्मेदारी है। जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए और विसर्जन के दौरान पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
पूजा समितियों की समस्याओं पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, विसर्जन स्थलों, बैरिकेडिंग और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
उपायुक्त ने प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बेहतर समन्वय से ही पर्व को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है।
उन्होंने पूजा समितियों से श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने, सीसीटीवी की निगरानी, अग्नि सुरक्षा, पेयजल, रोशनी और विसर्जन संबंधी नियमों के पालन में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों को दी पर्व की शुभकामनाएं
बैठक के बाद उपायुक्त दीपक कुमार दूबे और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने जिलेवासियों को दुर्गा पूजा, नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन शांतिपूर्ण, सुरक्षित तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि किसी समस्या, अप्रिय घटना या आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर जिला नियंत्रण कक्ष के निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल सूचना दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन की प्रमुख अपील
- पूजा और विसर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें।
- अफवाहों और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वास न करें।
- आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री को साझा करने से बचें।
- पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन करें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का अनुपालन करें।
- प्रतिमा विसर्जन निर्धारित समय और चिन्हित स्थल पर ही करें।
- विसर्जन के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
- पर्यावरण अनुकूल एवं सुरक्षित विसर्जन व्यवस्था को प्राथमिकता दें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को दें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान शांति, सौहार्द, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिलेवासी बिना किसी भय और असुविधा के श्रद्धा एवं उल्लास के साथ दुर्गा पूजा और दशहरा मना सकें।



