रतन कुमार अग्रवाल
सिंदरी : हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) सिंदरी की ओर से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई कौशल विकास पहल को बड़ी सफलता मिली है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट), रांची में सोमवार को एचयूआरएल सिंदरी द्वारा प्रायोजित चार महीने के निशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सह प्रस्ताव पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम मशीन ऑपरेटर इंजेक्शन मोल्डिंग ट्रेड में 4 जून 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 25 प्रशिक्षुओं को पाठ्यक्रम समापन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम की सबसे खास उपलब्धि यह रही कि सभी 25 प्रशिक्षुओं को शत-प्रतिशत प्लेसमेंट मिला है।
समारोह में एचयूआरएल सिंदरी के वरिष्ठ अतिथि के रूप में व्यवसाय इकाई प्रमुख गौतम माजी, प्लांट प्रमुख तथा उनके सहयोगी विक्रांत कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सिपेट रांची के निदेशक एवं प्रमुख अवनीत कुमार जोशी के स्वागत भाषण से हुई। निदेशक ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
इस अवसर पर प्लेसमेंट प्रभारी शाहनवाज अहमद और प्रशिक्षण प्रभारी मोहम्मद मासूम हैदर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को नियुक्ति एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें उनके भविष्य के लिए मार्गदर्शन देना था।
मशीन ऑपरेटर इंजेक्शन मोल्डिंग ट्रेड के एक बैच के 25 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षुओं को विभिन्न कंपनियों से रोजगार के प्रस्ताव मिले। खास बात यह रही कि सभी 25 उम्मीदवारों ने कंपनियों के ऑफर स्वीकार कर लिए हैं और जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।
प्रशिक्षुओं का चयन मदरसन लिमिटेड, पुणे (महाराष्ट्र), मंगलम प्लास्टिक, रांची (झारखंड) और सुब्रोस लिमिटेड, गुरुग्राम जैसी कंपनियों में हुआ है। शत-प्रतिशत प्लेसमेंट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता और एचयूआरएल की रोजगारपरक कौशल विकास पहल को खास उपलब्धि दी है।
समारोह में मौजूद अतिथियों ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी युवाओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एचयूआरएल सिंदरी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



