स्टडी/कल्चर टूर को आए नेपाल-भूटान के प्रशिक्षु अधिकारियों से मिले डीजीपी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि यूपी जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राज्य में पुलिसिंग की अपनी विशिष्ट चुनौतियाँ हैं, जहाँ भीड़ प्रबंधन से लेकर अत्यधिक जनसमूह के सुव्यवस्थित संचालन तक अनेक प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक सफल पुलिस अधिकारी वही है जो मानवीय दृष्टिकोण, प्रभावी संचार और पेशेवर दक्षता के माध्यम से जनविश्वास को सुदृढ़ बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का शांतिपूर्ण और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे।
यह बातें उन्होंने शुक्रवार को भारतीय पुलिस सेवा के 2025 बैच के स्टडी कम कल्चर टूर के लिए आए 19 प्रशिक्षु और नेपाल व भूटान के अधिकारियों के साथ हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान कहीं। इस दौरान विभिन्न राज्यों और कैडरों के प्रशिक्षु अधिकारी सम्मिलित थे, जिनमें आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, पंजाब, त्रिपुरा, ओडिशा और यूनियन टेरिटरी कैडर के अधिकारी शामिल रहे।
महानिदेशक ने गत वर्ष आयोजित महाकुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि लगभग एक माह की अवधि में करीब 60 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ था, जिसका शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संचालन एक बड़ी जिम्मेदारी थी जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस ने दक्षता हासिल की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती या जनसमूह के प्रबंधन में संवाद, धैर्य एवं संवेदनशीलता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
भेंट के अंत में, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर (आईटी) अजीत प्रताप सिंह ने अकादमी की ओर से पुलिस महानिदेशक को स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसके उपरांत पुलिस महानिदेशक ने यूपी पुलिस की ओर से सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।




