बरवाडीह I बरवाडीह पुलिस ने गुरुवार को रेलवे कॉलोनी स्थित रेलवे अंडरपास के समीप छापामारी कर 9 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरवाडीह निवासी विमलेश कुमार सिंह और मिथुन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय नशे के कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं।

बरवाडीह एसडीपीओ वीरेंद्र कुमार राम ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी ब्राउन शुगर लेकर पहड़तली की ओर बिक्री के लिए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया। थाना प्रभारी अनुराग कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने बिना देर किए रेलवे अंडरपास के पास पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 9 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गढ़वा रोड से ब्राउन शुगर लाकर बरवाडीह क्षेत्र में उसकी बिक्री करते थे। एसडीपीओ ने बताया कि नशीले पदार्थ के इस कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और आने वाले दिनों में भी नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसा जाएगा।
कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा कारोबार
बरवाडीह में पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद ब्राउन शुगर का कारोबार पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस नशीले पदार्थ की गिरफ्त में क्षेत्र के कई नवयुवक तेजी से आ रहे हैं। इससे अभिभावकों और आम लोगों में चिंता बढ़ रही है।
कुछ दिन पहले भी ब्राउन शुगर के साथ एक महिला समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। उस कार्रवाई के बाद उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र में नशे के कारोबार पर अंकुश लगेगा। हालांकि, गुरुवार की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि तस्कर अब भी बाहर से नशीला पदार्थ लाकर यहां उसकी बिक्री कर रहे हैं।
पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल स्थानीय स्तर पर तस्करों की गिरफ्तारी से ब्राउन शुगर के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है। उनका आरोप है कि बाहर से नशीला पदार्थ आसानी से बरवाडीह पहुंच रहा है। पूर्व में भी गिरफ्तार आरोपियों से पलामू और गढ़वा क्षेत्र से ब्राउन शुगर लाने की बातें सामने आती रही हैं।
लोगों ने पुलिस और संबंधित एजेंसियों से नशे के पूरे नेटवर्क की जांच कर सप्लाई करने वालों तक पहुंचने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किए बिना युवाओं को इस खतरनाक नशे की गिरफ्त से बचाना चुनौती बना रहेगा।




