मनीष सिन्हा
गिरिडीह/रांची : झारखंड की राजनीति से रविवार तड़के बेहद दुखद खबर सामने आई। गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक और हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह स्थित मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही गिरिडीह से लेकर राजधानी रांची तक शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि के बाद गिरिडीह स्थित अपने आवास पर सुदिव्य कुमार सोनू की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तकलीफ की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर बनी रही। तड़के इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
करीब 54 वर्ष की उम्र में सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की खबर ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों को स्तब्ध कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें पार्टी का समर्पित साथी और सरकार का महत्वपूर्ण मंत्री बताया।
तीन दशक से JMM से जुड़े थे सुदिव्य कुमार सोनू
सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक सफर लंबा और संघर्षपूर्ण रहा। वर्ष 1989 में झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ने के बाद उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया। तीन दशक से अधिक के राजनीतिक सफर में उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के साथ विभिन्न राजनीतिक आंदोलनों और संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार गिरिडीह सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी और लगातार दूसरी बार विधायक बने। चुनावी राजनीति में लगातार मजबूत होती उनकी पकड़ ने उन्हें JMM के प्रमुख नेताओं की कतार में ला खड़ा किया था।
हेमंत सोरेन सरकार में संभालीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
विधायक बनने के बाद सुदिव्य कुमार सोनू को हेमंत सोरेन सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली। वे नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभागों से जुड़े रहे।
सरकार में उनकी भूमिका अहम मानी जाती थी। संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ-साथ विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भी वे सक्रिय नजर आते रहे।
छात्रों के मुद्दों पर भी रहे सक्रिय
सुदिव्य कुमार सोनू मंत्री और विधायक के साथ पार्टी के भीतर एक सक्रिय रणनीतिकार के रूप में भी पहचाने जाते थे। छात्रों से जुड़े विषयों पर उन्होंने कई बार संवाद की भूमिका निभाई। जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े विवादों के दौरान भी उन्होंने छात्रों से बातचीत कर परिस्थितियों को संभालने का प्रयास किया था।
उनके आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने अपने करीबी सहयोगी और साथी के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया। JMM के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी शोक की लहर है।
अस्पताल के बाहर जुटने लगे समर्थक
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर सामने आते ही मर्सी अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में समर्थकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। अचानक हुई इस घटना से गिरिडीह का राजनीतिक और सामाजिक माहौल गमगीन हो गया है।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झारखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है। उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उनके योगदान और राजनीतिक संघर्ष को याद कर शोक व्यक्त कर रहे हैं।




