प्रतापगढ़ : कोतवाली देहात पुलिस और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने घरेलू गैस सिलेंडरों की कथित अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी के मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 80 भरे घरेलू गैस सिलेंडर के साथ गैस रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दो वाहन बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार सुबह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम सकरौली स्थित भाटन का पुरवा में नायब तहसीलदार सदर/मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापेमारी की गई। टीम को मौके पर दो मैजिक वाहनों में घरेलू गैस सिलेंडर मिले। इसके अलावा एक मकान परिसर में भी बड़ी संख्या में सिलेंडर और रिफिलिंग से संबंधित सामान बरामद किया गया।
दो वाहनों से मिले 80 भरे घरेलू सिलेंडर
छापेमारी के दौरान वाहन संख्या यूपी 72 टी 3321 से 41 भरे घरेलू गैस सिलेंडर और यूपी 72 एटी 7024 से 39 भरे घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त 12 खाली घरेलू सिलेंडर, तीन भरे व्यावसायिक सिलेंडर और एक भरा कम्पोजिट सिलेंडर भी टीम के हाथ लगा।
पुलिस ने मौके से पांच गैस रिफिलिंग यंत्र, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ‘बांसुरी’ बताया गया है, 11 सील लगे कैप और पांच इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें भी बरामद कीं। सिलेंडरों की तौल के दौरान कुछ घरेलू सिलेंडरों में निर्धारित 14.2 किलोग्राम मानक मात्रा से विचलन भी पाया गया।
डिलीवरी वाहनों से गैस निकालने का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों से कथित तौर पर पता चला कि गैस डिलीवरी वाहनों के चालक घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में रिफिलिंग करते थे। इसके बाद तैयार सिलेंडरों को खुले बाजार में कथित रूप से अवैध तरीके से बेचने की बात सामने आई।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी की जा रही थी। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोला पाल निवासी प्रतापगढ़ सिटी (नरवा), सुशील कुमार सरोज निवासी टेउंगा, पिंटू पटेल और विवेक पटेल निवासी भुवालपुर किला (भुसरौली) तथा सतीश मिश्रा निवासी सकरौली के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक मामले में कोतवाली देहात थाने में मुकदमा संख्या 227/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम और धारा 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
बरामद सिलेंडरों को नियमानुसार गैस एजेंसी के प्रबंधक की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, जबकि दोनों वाहनों को पुलिस की सुपुर्दगी में रखा गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।




