लखनऊ। समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने एफसीआरए बिल और अयोध्या से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआरए बिल के माध्यम से सरकार एनजीओ और अल्पसंख्यक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार से आरएसएस की पंजीकरण स्थिति और उसके संचालन के लिए मिलने वाले धन के स्रोतों को लेकर भी सवाल किया।
डिंपल यादव ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आरएसएस पंजीकृत संस्था है या नहीं और उसे संचालित करने के लिए धन कहां से आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआरए से जुड़े प्रावधानों के जरिए गैर-सरकारी संगठनों और अल्पसंख्यक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है तथा उनकी संपत्तियों पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
अयोध्या के मामलों पर भी उठाए सवाल
सपा सांसद ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और जमीन खरीद से जुड़े कथित मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया था, लेकिन कथित चढ़ावा चोरी के मामले सामने आने के बाद इसे दबाने और लीपापोती करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने अयोध्या में जमीनों की खरीद में कथित कमीशनखोरी और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सरकार से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही राम मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और दान की राशि के संबंध में भी पारदर्शिता के साथ जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में उपस्थित होकर दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई और अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े मामले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करें।




