विलियम जैकब
गिरिडीह : ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आजीविका को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अधिनियम को लेकर मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त रामनिवास यादव ने की।
प्रशिक्षण के दौरान VB-G RAM G अधिनियम के उद्देश्यों, प्रमुख प्रावधानों, क्रियान्वयन की प्रक्रिया और विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जरूरी प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
प्रावधानों को समझकर जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन करें: डीसी
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि VB-G RAM G ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के साथ ग्रामीण अधोसंरचना एवं विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी लोगों तक पहुंचेगा, जब प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर पर सही योजना तैयार करने के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण कार्य और नियमित अनुश्रवण किया जाए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यों के चयन और क्रियान्वयन में निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन हो तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने अंतर-विभागीय समन्वय, नियमित समीक्षा, अभिलेखों के उचित संधारण और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
योजनाओं को धरातल पर उतारने में सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए पदाधिकारियों, तकनीकी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय तथा स्पष्ट उत्तरदायित्व जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पंचायत और ग्राम स्तर पर स्थानीय जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों का चयन किया जाना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश भी दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि अधिनियम की जानकारी केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना जरूरी है। इसके लिए सभी बीपीओ, एई, जेई और संबंधित कर्मियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। साथ ही प्रखंड स्तर पर नियमित समीक्षा और अनुश्रवण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान परियोजना पदाधिकारी ने VB-G RAM G अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। रोजगार और आजीविका से संबंधित कार्यों के चयन, क्रियान्वयन, तकनीकी प्रक्रिया, निगरानी, अभिलेख संधारण और जवाबदेही से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता श्रीयश कुमार, परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रमुख, सभी बीपीओ, एई, जेई, मुखिया समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और विकास योजनाओं को पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने पर विशेष जोर दिया गया।




