यूपी में नकली दवाओं के अवैध कारोबार का भंडाफोड़: छह एफआईआर दर्ज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे इस सख्त अभियान के तहत विभाग ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फर्जी बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ कुल छह एफआईआर दर्ज की हैं।

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नकली और अधोमानक दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे इस सख्त अभियान के तहत विभाग ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फर्जी बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ कुल छह एफआईआर दर्ज की हैं। इस कार्रवाई के दायरे में मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल जैसे आरोपी आए हैं, जिन पर विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

नेटवर्क के वित्तीय और लॉजिस्टिक लिंक पर बड़ी कार्रवाई

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मिश्रा फार्मा, भारत फार्मा, एमडीएच फार्मा और मिश्रा एसोसिएट्स जैसी फर्में बिना वास्तविक दवाओं के लेन-देन के कागजों पर क्रॉस-बिलिंग कर रही थीं। बिना बैंक ट्रांजैक्शन के फर्जी लेनदेन दर्शाकर काउंटरफिट दवाओं को वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। जब इन फर्मों के गोदामों का निरीक्षण किया गया, तो वहां औधियों के क्रय या स्टॉक के बिल नहीं मिले, जिससे फर्जी बिलिंग के जरिए नकली कारोबार की पुष्टि हुई। इसके अलावा, अमरीन अहसन और मंतशा की फर्मों से करोड़ों रुपए की दवा खरीद की बात तो दिखाई गई, लेकिन मौके पर किसी भी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला।

यह अवैध नेटवर्क केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें अन्य राज्यों तक फैली हुई हैं। एफएसडीए की जांच में खुलासा हुआ कि अमीनाबाद से बरामद नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही, उत्तराखंड के देहरादून में भी नकली दवा निर्माण करने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

विभाग की यह कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित न रहकर, इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय और लॉजिस्टिक लिंक को तोड़ने पर पूरी तरह केंद्रित है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत प्रशासन ने नौ संदिग्ध फर्मों (जैसे एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा) के संचालन पर रोक लगाते हुए उनकी दुकानों को सील कर दिया है। उनके वित्तीय रिकॉर्ड और लेजर की जांच की जा रही है। कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब और उनकी टीम ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नकली दवाओं का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे भी कड़ी निगरानी एवं कार्रवाई जारी रहेगी।

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