सिंदरी : मुकुंदा में जमीन अधिग्रहण के बाद लगातार हो रही ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग से आसपास के खेतों में जलजमाव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। पानी की निकासी का प्राकृतिक रास्ता बंद होने के कारण स्थानीय किसान इस वर्ष धान की खेती नहीं कर पाए। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में भी खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
इस समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने सिंदरी के विधायक चन्द्रदेव महतो से शिकायत की। ग्रामीणों के आमंत्रण पर मुकुंदा पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई, जहां विधायक ने लोगों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि ओबी डंपिंग के कारण खेतों में पानी जमा हो रहा है और निकासी का रास्ता बाधित हो गया है। इसके अलावा, जमीन अधिग्रहण के बावजूद कई रैयतों को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) प्रबंधन की ओर से अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
बैठक के बाद विधायक चन्द्रदेव महतो ने स्वयं ओबी डंपिंग स्थल का दौरा किया और प्रभावित खेतों की स्थिति का जायजा लिया। खेतों में पानी जमा होने और खेती प्रभावित होने की स्थिति पर उन्होंने चिंता जताई। ग्रामीणों ने उनसे जलनिकासी की व्यवस्था कराने और बकाया मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।
विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस मामले में जल्द ही बीसीसीएल प्रबंधन के उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के सामने खेतों से पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था करने और लंबित मुआवजे का अविलंब भुगतान करने की मांग रखी जाएगी।
चन्द्रदेव महतो ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के हक और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत के जरिए समय रहते समस्या का न्यायसंगत समाधान नहीं निकाला गया, तो ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए वे स्वयं सड़क पर उतरेंगे। जरूरत पड़ने पर बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।
बैठक और स्थल निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, रैयत और पंचायत के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अब ग्रामीणों की नजर बीसीसीएल प्रबंधन की पहल पर टिकी है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खेतों से पानी की निकासी बहाल कराने और लंबित मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित कराने की है।



