संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट
पटना : नेपाल में गंडक नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से काफी अधिक वर्षापात दर्ज किया गया है। इसके चलते गंडक नदी के जलश्राव में लगातार वृद्धि की स्थिति बनी हुई है। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि 27 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे वाल्मीकिनगर बराज पर 4,24,000 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हो रहा था और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है।
उन्होंने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्थल पर दर्ज वर्तमान जलस्तर के आधार पर वाल्मीकिनगर बराज पर शाम तक करीब 5 लाख क्यूसेक या उससे अधिक जलश्राव पहुंचने की संभावना है। देवघाट गेज स्थल वाल्मीकिनगर बराज से करीब 80 किलोमीटर ऊपर स्थित है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमानित जलश्राव वर्ष 2024 में दर्ज अधिकतम 5,62,500 क्यूसेक जलश्राव की तुलना में कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी और चौकसी बढ़ा दी है। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गंडक नदी के दोनों तटबंधों की निगरानी और पर्यवेक्षण को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अभियंताओं की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी अभियंताओं को चौबीसों घंटे सतर्क रहते हुए तटबंधों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की शिथिलता को अक्षम्य माना जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि फिलहाल गंगा नदी का जलस्तर कम रहने के कारण गंडक नदी के पानी की निकासी गंगा में सुचारू रूप से हो रही है। ऐसे में व्यापक जल-जमाव या गंभीर बाढ़ का खतरा फिलहाल नहीं दिख रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों का शत-प्रतिशत पूर्वानुमान संभव नहीं है, इसलिए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। साथ ही लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क और सजग रहें। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




